BIG BOSS HEADLINES...

आ प्रशस्ति थारी बांचूं हूं,थारै मन की काडू हूं


आ प्रशस्ति थारी बांचूं हूं,थारै मन की काडू हूं

पढ्यो-लिख्यो विद्वान घणो,तूं लूंठो सेठ भी बाजै है
दिल्ली-जैपर रा सगळा नेता थारै सैन पर नाचै है
कितरा मिंदर ओर धरमसाळां पर है थांरो नाम मंड्यो
कुण माप सकै तनै भाया,तूं सात-सात असमान चढ्यो
रिपिया इत्ता कै गिण नै सकै कोई माल खजानै में
पावळ्यां फू्ट्योड़ी भी थारी,चालै आज जमानै में
गाड्यां-घोड़ा को के कैणो,म्हीनै में नम्बर नीं आवै
लंच करै इंडिया में तू अर डीनर अमरीका मैं खावै
के ओर करां गणगान थारा,तूं मिनख बड़ो धनवान है
पण एक बात है भाया जिस्यूं तूं अब भी अनजान है
आ बात इत्ती कै पुरखां री धरती भी तन्नै याद करै
मायड़ नै जे भूल्यो भाया,तो समझ जनम बरबाद करै
कैबत में केग्या कद पुरखा,आ भोम आपणी मावड़ली
मालखजानो याद रेवै, क्यूं आवै नीं इण री यादड़ली
कुंवर प्रीतम

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