जी में आवै सो कर जीवड़ा,मन्नै के लेणो
जीणो है जी,मरणो है मर,मन्नै के लेणो
मन में कीं उपजै कोनी,मायतां री सुणै नी
भागै तो भाग,पड़ै तो पड़,मन्नै के लेणो
देखा-देखी झूठी होड,पगां खानी देखै कोनी
आंधी सुरंग है,बड़ै तो बड़,मन्नै के लेणो
धरम-करम,संस्कार मिनखपणो छेड़ै न्हाख्यो
रामाण झूठी रोज तूं,करै तो कर,मन्नै के लेणो
म्हें तो दिनुगै न्हा-धो र बाबू बण त्यार रेऊं
तूं सूगलो सरगड़ो,सड़ै तो सड़,मन्नै के लेणो
गांव रा रिपिया दाब्या,कोथळी नै काठी बांधी
भामाशाह झूठो आज,बणै तो बण,मन्नै के लेणो
गांव में रेवणियो भोळो,बाप लाई कांई जाणै
करमां रा दोस ला़डी,लड़ै तो लड़,मन्नै के लेणो
शैरां में मोज थारी,कोठ्यां री बात न्यारी
पुरखां री हेली नै कै,पड़ै तो पड़,मन्नै के लेणो
-कुंवर प्रीतम
1 comments:
pporkha ri heli pade to pade mane k leno.............. bahut sunder bhaiji lekin aabaat saglaa khane pooge jana kaam bane......
lekin mhane kai leno...hahaha....
Post a Comment