BIG BOSS HEADLINES...


जरा सोचो अगर संसार में सब नेक हो जाएं
मिटाकर दूरियां दिल की यदि सब एक हो जाएं
सियासत से अदालत तक सभी फाकाकशी में हों
फ़कत आंगन रहीम-ओ-राम का जो एक हो जाए
कुंवर प्रीतम

कठिन है राह जीवन की,बड़ा दुश्वार है चलना
कभी लगता है जीने से,कहीं आसान है मरना
मगर जब देखता हूं टिमटिमाती लौ मैं दीपक की
मेरा दिल मुझसे कहता है,ये जीवन है फकत जलना
कुंवर प्रीतम

0 comments: