BIG BOSS HEADLINES...


मुद्दत हो गयी,बैठो यारो,कुछ तो दिल की बात करें
इसकी-उसकी छोड़ के अब कुछ अपनी भी तो बात करें
क्या रक्खा है मीन-मेख में,कौन यहां मुकम्मल है
आसमान की छोड़ो यारो,बस जमीन की बात करो
कुंवर प्रीतम

तेरी आंखें,प्यार की बातें सब कुछ अच्छा लगता है
मेरी हर धड़कन को तेरा सब कुछ अच्छा लगता है
लेकिन सोच रहा हूं जाने कैसा होगा तेरा राजघराना
मुझको टूटी छत वाला घर अपना अच्छा लगता है
कुंवर प्रीतम

0 comments: